महासंकट के दौर में 12 गांव की पहल ने दी समाज को आदर्श प्रेरणा

कोई भी समाज देश का समृद्ध विकसित एवं आधुनिक तब माना है, जिसमें मानवीय पहल से समाज को उँचाईयाें का रास्ता तय करवाता हो! यकीन मानिये , कई कुप्रथाओं का त्याग कर ही समाज आधुनिक विकसित और समृद्ध हो सकता है ! लक्ष्य को पाने की राह जितनी कठिन होती है, जिसे संकल्पित द्रढ़ विचारों से सरल कर सफलता पाई जा सकती है! वाकई वे लोग ज्यादा सामाजिक हैं जिन्होंने सामाजिक सरोकार से जुड़कर समाज के सामने, कई रचनात्मक निर्माण करवाए! यही समाज को आने वाले समय में युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे !

समाज में स्वर्णिम दौर, तभी लाया जा सकता है, जिसमें त्याग की भावना रेखांकित होती हो ? सामाजिक उत्थान के लिए रूढ़ियों के प्रति जन -जाग्रति सबसे महत्वपूर्ण होती है! अंधविश्वास से बंधी रूढी़यों को नकारने से ही समाज में आर्थिक समृद्धि लाई जा सकती है! अनावश्यक रूढ़ियों को ढोने के बजाय नकारना ही बेहतर है !

अपने प्रियजनों की याद में उनकी स्मृति को सदा संजोए रखने के लिए, मृत्युभोज जैसे भव्य आयोजन को नकार कर ही, उनकी स्मृति को दान की पवित्रता से संजोया जा सकता है, जो हमेशा स्मरणीय होगा ! जीवन को सार्थक बनाने व आत्मा को मोक्ष की मंजिल तक पहुँचने के लिए मानव कल्याण के लिए श्रेष्ठ दान ही उपयोगी है, जो हमारे मन को विचलित किए बिना शांति देता है !
दान की प्रक्रिया सिर्फ यही तक न थमे, इसे समाज अंगीकार कर आगे भी लगातार बढ़ने दे! बारह गांव तक ही सीमित न रहते हुए सम्पूर्ण समाज में, ऐसे त्यागपूर्ण निर्णय की ख्याति बनी रहे!

समाज समृद्ध हो इसी परिप्रेक्ष्य में रूढ़ियों को त्याग कर समाज आगे बढ़ रहा है! अभी-अभी कोविड के प्रभाव से दो लोगों की मौत हुई, जिसमें समाज की महाखर्चिलि प्रथा मृत्युभोज को बंद कर स्वर्गीय माताजी श्री मति जानी बाई सेकवाड़िया राजोद जिला धार (12 गांव ) की स्मृति में उनके पुत्र बगदीराम जी सेकवाड़िया एवं परिवार की सहमति से मृत्युभोज स्थगित कर दान स्वरूप धर्मशाला, गोशाला, मंदिर,वृद्धाश्रम एवं राष्ट्रीय आदर्श धाकड़ विद्यापीठ धारसीखेड़ा स्कूल आदि में 192000 /- हजार रुपए समाज की उपस्थिति में दीया गया ! उसी प्रकार राजोद निवासी स्व. श्री रामरतनजी वीर धाकड़ (लाईनमेन) जिनकी स्मृति में श्रीमती गंगा बाई वीर, प्रभातजी धनोलिया राजोद द्वारा
गोशाला, मंदिर हेतु 37100 /- रूपए की सहयोग राशि उनकी स्मृति में दी गई !
पूर्व में भी सागोर (धार) से वकील साहब सुनेरसिंहजी धाकड़ नेभी 102222 /- रुपए
छात्रावास इंदौर एवं धर्मशाला सागोर में मां की स्मृति में दान दिया गया था !
धार जिले के 12 गांव जिसमें राजोद, साजोद, धारसी खेड़ा प्रमुख व्यावसायिक गांव है, इनकी सहभागि अनुकरणीय पहल ने मृत्युभोज को बंद कर पूरे समाज को आदर्श प्रेरणा दी है ! मानसिकता की दृष्टि से देखा जाए तो आज के परिवेश में खड़े रहने का साहस लिए हुए हैं! इन बारह गांवों से धाकड़ समाज के 10 एम बी बी एस डाक्टर हैं, जिसमें बेटियाँ भी सम्मिलित हैं ! शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहकर समाज ने अच्छी प्रगति की है! धाकड़ समाज द्वारा संचालित ‘राष्ट्रीय आदर्श धाकड़ विद्यापीठ धारसीखेड़ा स्कूल है, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता प्रबंधन की वजह से उच्चश्रेणी की होने से पिछले समय में सेन्ट्रल स्कूल नवोदय विद्यालय में जिले के 80बच्चों में से अकेले 10 विद्यार्थी धाकड़ विद्यापीठ के बच्चों का चयन हुआ था ! पिछड़ा क्षेत्र होने के बावजूद धाकड़ समाज वर्तमान में जी रहा है, लेकिन अब समाज समृद्ध हो यही धारणा लिए हुए, रूढ़ियों को भी नकारना
प्रारंभ कर चुके हैं! समाज की सबसे महाखर्चिलि प्रथा मृत्युभोज को, जिसमें महाभोज दिया जाता था, जिसमें समाज के बारह गांव सम्मिलित होते थे, जिसमें लाखों रूपया खर्च होता था, अब इस महाभोज को न देते हुए समाज रचनात्मक निर्माण कर समाज की प्रतिष्ठा में सहयोग मिले बच्चों की शिक्षा एवं तकलीफ के समय पैसा काम आवे, ऐसी सोच बदल रही है! वर्तमान में कोविड -19 ने
पैसे के महत्व को समझाया है, कि जीवन शैली में आत्मविश्वास कैसे बढ़े |

वैसे तो इन्हीं बारह गांवों से मिलकर सामाजिक सहयोग से भव्य रूप से अच्छी व्यवस्थाएं देकर निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन समारोह कराया जाता है, जिसमें पिछले समय में 46 जोड़ों का निशुल्क विवाह संपन्न कराया था ! जिसकी सराहना पूरे समाज ने की थी! ये बारह गांव धाकड़ समाज के गौरव है, ऐसे प्रेरक समाज हित में लिए गए निर्णय व अहम योगदान से भविष्य में समाज में विकास में दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे ! समाज की समृद्धि के लिए लिया गया निर्णय विवेकशील हो कर समाज की दशा बदल कर दिशा देगा !

व्यक्ति का निधन चाहे बिमारी से हो या उसकी आकस्मिक दुखद मृत्यु हो, लेकिन समाज उसके अभिप्रेरक जीवन दर्शन के श्रेष्ठ कर्मों से ही हमेशा स्मरणीय रहकर उसे जिंदा रखता है !

Hemant Katuke - Skyrites MicrotechsShivani beauty parlor

Author: Kirad